हर मन मनोहर
बुधवार, 7 दिसंबर 2016
कीमत
* * *
बेहतर हो
नफ़रत
सेंकने से
सर्द बर्फ काट
पिघलाई जाए ;
वक्त
कीमती है
तोह ज़िंदगी को
भी क़ीमत
समझाई जाए |
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प्रदीप यादव
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