मंगलवार, 15 नवंबर 2016

* * *

ठण्ड से सीखती लडकियां

-----------------------
झुकी
नज़र
के छुपे बोल
भइय्या, बाबा
के लिए
सिंकती
गरम रोटियों
तक ;

आज भी
मांएं
चूल्हे की
ताप से
गरम हुआ
झोपड़ा तज
जलावन
ढूंढ लाने
को कह
बेटियों को
कडकडाती
सर्दी में
रुह और मन
मज़बूत
बनाना
सिखाती हैं |
-------------------------

~ प्रदीप यादव ~ chitr : Google

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें