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ठण्ड से सीखती लडकियां
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झुकी
नज़र
के छुपे बोल
भइय्या, बाबा
के लिए
सिंकती
गरम रोटियों
तक ;
आज भी
मांएं
चूल्हे की
ताप से
गरम हुआ
झोपड़ा तज
जलावन
ढूंढ लाने
को कह
बेटियों को
कडकडाती
सर्दी में
रुह और मन
मज़बूत
बनाना
सिखाती हैं |
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