नोट बंद है !
* * *
करना है
इंतज़ार ,
बढ़ रही
तकरार
नोट बंद हैं |
खुलती उधड़ी
जा रही ,
किसी तरह
ढंकी मुंदी
थी जो शान
नोट बंद हैं |
बिखरी पड़ी है
आशाएं मंगल
समारोह की,
सूने द्वाराचार
नोट बंद हैं |
देहावसान
पर हो रहा
जैसे तैसे संभव,
अंत का
संस्कार,
नोट बद है |
कुप्पा हो रही
फूल कर
हर बार
धन्य बंधन
सरकार ,
नोट बंद है |
लगी लगाम
आतंक पे
भयभीत ख़त्म
हुए भ्रष्टाचार,
नोट बद हैं |
झगड़ों में
रहते उदार
लेनदेन के
व्यापार
भोली ज़िंदगी
हठ अनुदार
मानती हार
नोट बंद हैं |
गोरखधंधे
के कलाकार
चुभने लगी
हाहाकार
नोट बंद है |
कतार पे
आरपार ,
मरते निराहार
निशक्त रार
विपक्ष प्रहार
भावुक हुए
सरकार
नोट बंद थे | //
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~ प्रदीप यादव ~
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